राष्ट्रपति बोले- सत्तापक्ष और विपक्ष में वैमनस्यता नहीं होनी चाहिए, हर व्यक्ति के हित में काम करना प्रत्येक विधायक की जिम्मेदारी है


लखनऊ | राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि लोकतंत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच विचारधारा का अंतर हो सकता है लेकिन दोनों पक्षों में वैमनस्यता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच गरिमापूर्ण सौहार्द का गौरवशाली इतिहास रहा है। कभी कभी इस समृद्ध परंपरा के विपरीत जो अमर्यादित घटनाएं हुई है उन्हें अपवाद के रूप में भूलाकर उत्तर प्रदेश की स्वस्थ राजनीतिक परंपरा को मजबूत बनाना चाहिए। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सोमवार को विधानमंडल की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि  विधानमंडल लोकतंत्र का मंदिर होता है। जनता विधायकों को अपना भाग्य विधाता मानती है और जनता को उनसे बहुत उम्मीद है। जनता की उपेक्षा पर खरा उतरना ही सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विधायक की जनसेवा के दायरे में सभी नागरिक शामिल है चाहे उन्होंने उन्हें वोट दिया हो या न दिया हो। इसलिए हर व्यक्ति के हित में काम करना प्रत्येक विधायक की जिम्मेदारी है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि विधानसभा में 403 में से 47 (12 प्रतिशत) महिला विधायक है। और विधान परिषद में 100 में से पांच महिला सदस्य है। उन्होंने कहा कि लेकिन इतनी संख्या से संतोष नहीं करना चाहिए। महिलाओं के प्रतिनिधित्व में वृद्धि की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह विधायकों पर निर्भर करता है कि इन संभावनाओं को कैसे तलाशें और कैस सुधारें। उन्होंने कहा कि यह सुखद संयोग है कि उत्तर प्रदेश की महिला राज्यपाल महात्मा गांधी की शिष्या सरोजनी नायडू है और वर्तमान में आनंदी बेन पटेल है। विधानमंडल को कर्मठ महिलाओं का मागदर्शन मिलना सामाजिक प्रगति में सहायक होता है।


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रयास से यूपी जल्द ही हर तरह से उत्तम प्रदेश बनेगा। जब देश का सबसे बड़ा राज्य प्रगति के उत्तम मानकों को हासिल करेगा तो स्वत: ही देश के विकास को संबल प्राप्त होगा। आज से 25 वर्ष बाद आजदी का शताब्दी वर्ष मना रहे होंगे तब यूपी अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित हो चुका होगा और हमारा देश विकसित देशों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा होगा।


राष्ट्रपति ने देश की आजादी में योगदान देने वाले यूपी के स्वतंत्रता सेनानियों, यौद्धाओं और क्रांतिकारियों का स्मरण करते हुए कहा कि  प्रदेश के ऐसे क्रांतिवीरों की याद में शिक्षण संस्थानों में व्याख्यान मालाएं आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि अन्य माध्यमों के जरिये उनकी जीवनगाथाओं से लोगों को अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि अमृत महोत्सव का उद्देश्य उन शहीदों को याद करना भी है जो प्राय: विस्मित रहते है। यूपी में भी अनेक अज्ञात एवं गुमनाम स्वतंत्रता सेनानी रहे जिनके विषय में अधिक जानकारी सुलभ होनी चाहिए। विख्यात सेनानियों के विषय में जानकारी का विस्तार होने से नई पीढ़ी में जागरूकता बढ़ेगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि महिला सशक्तीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश को एक अग्रणी राज्य बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की इंडेक्स रिपोर्ट 2020-21 के तहत महिलाओं व पुरुषों के बीच वेतन का अंतर अन्य राज्यों के अपेक्षा उत्तर प्रदेश में सबसे कम है। यह जेंडर इक्वेलिटी का एक महत्वपूर्ण मानक है।


राष्ट्रपति ने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश का भारत में पहला स्थान है। इसी प्रकार आम, गन्ना, दूध के उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजनीतिक व प्रशासनिक स्थिरता की संस्कृति का निर्माण करते हुए यह विश्वास जगाया है कि निकट भविष्य में ही उत्तर प्रदेश द्वारा आर्थिक प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित किये जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यूपी वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला प्रदेश और उत्तम प्रदेश बनेगा।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि विधायिका और जनता एक दूसरे के पूरक है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के द्वार जल्द ही जनता के लिए खोले जाएंगे। जनता को विधानसभा का दर्शन कराने के साथ कार्यप्रणाली और सदन संचालन की कार्यवाही देखने का अवसर भी दिया जाएगा। राष्ट्रपति की मौजूदगी में सोमवार को विधानमंडल की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यूपी विधानसभा ने देश में सबसे पहले ई-विधान लागू किया। विधानसभा की कार्यवाही को पेपरलेस बनाने की दिशा में भी तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि 18वीं विधानसभा में 126 विधायक पहली बार चुनकर आए हैं। विधानसभा में 18 चिकित्सक, 15 इंजीनियर और आठ विधायक प्रबंधन से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि संसदीय परंपराओं को सुगम बनाते हुए ये विधानसभा जल्द ही देश में आदर्श विधानसभा के रूप में स्थापित होगी।


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