पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में बलवंत सिंह राजोआणा को मिली फांसी सजा के बाद गुरदासपुर में भड़की हिंसा में पुलिस की गोली से ही युवक की मौत हुई थी। यह खुलासा सीएफएसएल हैदराबाद की जांच रिपोर्ट में हुई है।
जांच के दौरान सीएफएसएल हैदराबाद ने पुलिस द्वारा मौके पर चलाई गई बंदुक और गोली की पहचान कर ली है।
सीएफएसएल ने सोमवार को सुनवाई के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में ये जानकारी दी।
सुनवाई के दौरान याची स्वयंसेवी संस्था के वकील ने सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में सरकार कुछ पुलिस अधिकारियों और मुलाजिमों को चार्जशीट कर चुकी है इसके बावजूद उनके खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई अमल में नही लाई गई।
उधर पंजाब सरकार के गृह विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी डीएस बैंस ने हाईकोर्ट में सौंपी अंतरिम रिपोर्ट में कहा है कि जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी हो चुके हैं। सरकार ने बीते साल 18 नवंबर को ये निर्देश जारी किए हैं।
उल्लेखनीय है कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या में बलवंत सिंह राजोआणा को फांसी सजा मिलने के बाद गुरदासपुर में हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान पुलिस और उपद्रवियों के बीच हुई झड़प में एक युवक की मौत हो गई थी और कुछ घायल हो गए थे।
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