काला दिवस : निर्भया को न्याय दिलाने की मुहीम में उमड़ा जान सैलाब
लखनऊ। सामाजिक संस्था बी-अवेयर फाउन्डेशन के तत्वावधान में प्रायोजित कार्यक्रम के तहत आज पूरे उत्तर प्रदेश में श्रीमती अपर्णा यादव के नेतृत्व में निर्भया काण्ड के अरोपी की रिहाई को लेकर काला दिवस मनाया गया। उत्तर प्रदेश में ऐसे दरिंदे के प्रवेश पर रोक लगाते हुए प्रदेश के सभी प्रवेश व्दार पर विरोध के तौर प्रतीकात्मक ताला लगा दिया गया था। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित 1090 चैराहे पर दोपहर 1 बजे हजारों की तादाद में लोगों ने अपना विरोध दर्ज कराया। निर्भया कांड के आरोपी का पुतला दहन किया गया और उसकी रिहाई के विरोध में काला गुब्बारा छोड़कर रोष व्यक्त किया तथा निर्भया को इंसाफ दिलाने की मांगी की गयी। इसके अतिरिक्त स्वेतपट पर हस्ताक्षर अभियान चलाकर निर्भया को इंसाफ दिलाने की मुहीम को मजबूती प्रदान की गयी।
इस अवसर पर फाउन्डेशन की संरक्षिका श्रीमती अपर्णा यादव ने निर्भया को इंसाफ दिलाने की इस मुहिम में शामिल होने के लिए लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहाकि निर्भया के आरोपी जब तक पुनः जेल नहीं भेजा जाता, तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। हम निर्भया को इंसाफ दिलाकर ही दम लेंगे। और जो लोग इसे मिथ्या समझ रहे है यक़ीनन वे एक दिन अपने ही नज़रों में गिर जायेगे। श्रीमती यादव ने कहा कि फिर किसी और निर्भया के साथ इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए बी-अवेयर फाउन्डेशन द्वारा सामाजिक जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार पर और अधिक सशक्त कानून बनाने का दवाब डालने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहाकि समय के साथ कानून में भी परिवर्तन की आवश्यकता है। श्रीमती यादव ने निर्भया के आरोपी की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की। जिससे कि समाज में उसका विकृत चेहरा सामने आये और लोग ऐसे अपराधियों से सावधान हो सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए ‘बी-अवेयर’ फाउन्डेशन द्वारा आरटीआई के तहत पहचान सार्वजनिक करने के लिए सूचना मांगी गई है।
वही इस अवसर पर समाजसेवी श्री प्रतीक यादव ने कहाकि किसी भी लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने के लिए एकजुटता जरूरी होती है। वही एक एकजुटता हमें आज निर्भया को इंसाफ दिलाने में दिखाई दे रही है। यह एकता विकृत मानसिकता वाले लोगों के लिए एक संदेश है, कि अब वो अपनी घिनौनी हरकतों से बाज आये। अन्यथा समाज उन्हें मुख्य धारा से उखाड़ फेंकेगा।
इस अवसर पर निर्भया की माता श्रीमती आशा देवी और पिता श्री बद्रीनाथ सिंह भी उपस्थित रहे। उनकी बेटी को न्याय दिलाने की इस मुहीम में उमड़े जन सैलाब को देखकर उनकी आंखे भर आयी। उन्होंने निर्भया को इंसाफ दिलाने की लड़ाई में समर्थन देने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया और कहाकि अपराधी काननू तोड़ कर अपराध कर सकता है तो उसे काननू तोड़कर सजा क्यों नहीं दी जा सकती है। इसलिए निर्भया के आरोपी को पुनः जेल भेजा जाये। 29 दिसंबर को निर्भया की तीसरी तीसरी बरसी है हम चाहते हैं कि वह अपराधी 29 तक फिर से जेल में हो तभी निर्भया के आत्मा को शांति मिलेगी।
उक्त अवसर पर सपा मुखिया श्री मुलायम सिंह यादव की धर्मपत्नी श्रीमती साधना यादव जी, उत्तर प्रदेश के सूचना आयुक्त श्री अरविंद सिंह बिष्ट, श्रीमती अम्बी बिष्ट, मनकामेश्वर मंदिर की महंत सुश्री देव्यागिरी, सीएमएस के संस्थापक श्री जगदीश गांधी, श्रीमती भारती गांधी, सीएमएस की प्रिंसिपल श्रीमती बत्रा, श्रीमती माला मेहरा, श्रीमती ताहिरा, इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्ष सुश्री रिचा सहित हजारों की तादाद में समासेवी, आगनबाड़ी की कार्यकत्रियां, छात्र- छात्राएं और आम नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने विरोध जताते हुए निर्भया को न्याय और दोषी को सजा देने की मांग की।
बी अवेयर फाउंडेशन की इस मुहीम को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव का भी समर्थन प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री मह संवैधानिक कारणों से विरोध प्रदर्शन में शामिल नही हो सके। हालाँकि श्रीमती अपर्णा यादव की पहल से मुख्यमंत्री अत्यधिक व्यस्तता के बावजूद अपना कीमती समय निकालकर निर्भया के माता- पिता से मिले और उन्हें लगभग 40 मिनट समय दिया। मुख्यमंत्री ने संवेदना व्यक्त करते हुए निर्भया के परिजनों को हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने निर्भया के गृह जनपद बलिया में आशा ज्योति केंद्र तथा निर्भया के नाम पर शिक्षा केंद्र (विद्यालय) खोलने का वायदा किया। साथ ही उन्होंने प्रदेश में आधुनिक तकनीकि के उपकरण से लैस अस्पताल खोले जाने की इच्छा जताई। ताकि सही समय पर सही इलाज करके लोगो की जान बचाई जा सके। मुख्यमंत्री ने बी अवेयर फाउंडेशन की इस मुहीम की भी सराहना की। उक्त अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री राजेंद्र चौधरी, सांसद श्रीमती डिम्पल यादव, व बी अवेयर फाउंडेशन की संरक्षिका श्रीमती अपर्णा यादव भी उपस्थित रहीं।
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