‘ट्रांसपरेंसी नहीं लाई गई तो रोक देंगे यूपी को मिलने वाली केन्द्रीय सहायता’ —ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल


 

piyush-goyal-300x199बलिया: केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने अखिलेश सरकार को आगाह किया कि केंद्र की योजनाओं के मामले में ट्रांसपरेंसी सिस्टम नहीं बनाये जाने पर केन्द्र यूपी को दी जा रही सहायता रोक देगा.

गोयल ने यूपी बलिया में इंटीग्रेटेड पॉवर डेवलपमेंट स्कीम और दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना का उद्घाटन किया. समारोह को सम्बोधित करते हुए उन्होंने गरीबो के घर में बिजली पहुंचाने और ग्रामीण एवं शहरी विद्युतीकरण योजना को लेकर प्रदेश की अखिलेश सरकार पर तीखे हमले किये.

 

केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री ने उत्तर प्रदेश की तरफ से उपलब्ध कराये गए आंकड़ो का हवाला देते हुए दावा किया कि विद्युतीकरण योजना में प्रदेश की स्थिति काफी खराब है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि राज्य सरकार ने केन्द्र की बिजली परियोजनाओं के मामले में कार्यस्थल पर योजना के विवरण से सम्बंधित बोर्ड नहीं लगाया और योजनाओं में पारदर्शिता नहीं लायी तो केंद्र प्रदेश को दी जा रही सहायता राशि रोक देगा.

उन्होंने कहा कि 11वीं योजना में सूबे को 10 लाख से अधिक गरीबों के घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया था लेकिन इसकी तुलना वह केवल पांच लाख नौ हजार 875 गरीबों के घर में ही बिजली पहुंचा सकी.

 

पीयूष गोयल ने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में विद्युतीकरण योजना में लक्ष्य 32 लाख 33 हजार 913 गरीबों के घर में बिजली पहुंचाने का है लेकिन पिछले अगस्त माह तक प्रदेश में मात्र एक लाख 25 हजार 532 घरों में बिजली पहुंची है, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि इस योजना में चार लाख 97 हजार गरीबो के घर में बिजली पहुंचा दी गयी है.

उन्होंने अटल ज्योति योजना में भी राज्य सरकार की प्रगति पर नाराजगी जतायी और कहा कि प्रदेश की तरफ से इस योजना को लेकर अब तक एक भी पत्र नहीं प्राप्त हुआ है. मोदी सरकार से पहले से ही प्रदेश में ग्रामीण और शहरी विद्युतीकरण योजना में 12 हजार 707 करोड़ रुपये पड़े हैं. राज्य सरकार इस बजट का उपयोग नहीं कर सकी है.

केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री गोयल ने प्रदेश के दौरे के दौरान खुद को प्रोटोकॉल के अनुसार राजकीय सम्मान नहीं दिए जाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने समारोह में कहा कि वह शामली और बागपत के बाद बलिया के सरकारी दौरे पर आये हैं. तीनों जगहों पर प्रोटोकॉल के अनुसार उनको अनुमन्य सम्मान नहीं दिया गया. उनकी अगवानी करने ना तो जिलाधिकारी आये और ना ही उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इस मसले को वह प्रदेश सरकार के समक्ष उठायेंगे.

हालांकि जिलाधिकारी गोविन्द राजू एन. एस. ने इस मामले में पूछे जाने पर कहा कि केंद्रीय मंत्री गोयल को सभी अनुमन्य सुविधाएं मुहैया करायी गयी हैं. उनके आगमन से लेकर प्रस्थान तक सिटी मजिस्ट्रेट उनके साथ रहे. पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री को वाई श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है और उनको इससे अधिक सुरक्षा उपलब्ध करायी गयी.


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