
लखनऊ। प्रदेश में अब लघु और मध्यम उद्योगों को बिजली बिलों में एक रुपये प्रति यूनिट की दर से रियायत मिलेगी। यह रियायत लघु उद्योग विभाग सीधे उद्यमियों को देगा। प्रदेश में कहीं भी उद्योग लगाने पर पांच वर्षों तक यह छूट मिल सकेगी। इस संबंध में पॉवर कारपोरेशन उद्यमियों से पूरी राशि वसूलने के बाद एक रिपोर्ट लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग को भेजेगा, जहां से उद्यमियों को प्रतिपूर्ति दी जाएगी।इस संबंध में प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने पॉवर कारपोरेशन की एमडी अपर्णा यू को निर्देश भेजे। इसमें कहा गया कि नए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति-2017 के तहत ऐसे उद्योगों को बिजली में एक रुपये प्रति यूनिट की प्रतिपूर्ति दी जानी है। यह प्रतिपूर्ति सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग विभाग की ओर से दी जाएगी।
विद्युत वितरण निगम नहीं दे सकेंगे छूट रू प्रमुख सचिव की ओर से भेजे निर्देश में स्पष्ट किया है कि पॉवर कारपोरेशन केवल उद्योगों से वसूली गई धनराशि की सूचना हर माह लघु उद्योग विभाग को मुहैया कराएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विद्युत वितरण निगम अपनी ओर से इस तरह की कोई छूट नहीं दे सकेंगे। वह उद्योगों को निर्धारित टैरिफ पर ही बिलिंग करेंगे। लघु उद्योग विभाग से दी जाने वाली छूट के संबंध में वितरण निगमों की भूमिका मात्र सूचनाओं का आदान-प्रदान करना होगा। प्रमुख सचिव के निर्देश के बाद एमडी पॉवर कारपोरेशन ने सभी वितरण निगमों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए।
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