सीरिया पर अमेरिकी मिसाइल हमला,15की मौत, पुतिन बोले-कार्रवाई गैरकानूनी


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वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सीरिया के सरकारी ठिकानों पर मिसाइल हमला करने का आदेश जारी करने के बाद टेलिविजन पर एक संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने मंगलवार को सीरिया के इदलिब प्रांत में हुए रसायनिक हमले में मारे गए लोगों की मौत पर शोक जताते हुए अपील की कि दुनिया के सभी ‘सभ्य देश’ सीरिया में चल रहे खूनी खेल को खत्म करने के लिए एकजुट हों।

ट्रंप ने कहा, ‘मेरे साथी अमेरिकी नागरिकों, मंगलवार को सीरिया में हुए रसायनिक हमले में निर्दोष नागरिकों पर घातक नर्व एजेंट का इस्तेमाल किया गया। इस हमले में कई महिलाएं, पुरुष और बच्चे धीरे-धीरे तड़पते हुए मर गए। इस बर्बर हमले में खूबसूरत छोटे-छोटे बच्चों ने भी तड़पकर दम तोड़ दिया। ईश्वर की किसी भी संतान का अंजाम इतना खौफनाक नहीं होना चाहिए।’

ट्रंप ने आगे कहा, इस हमले की प्रतिक्रिया के तौर पर हमने सीरिया के चुनिंदा ठिकानों पर मिसाइल हमला शुरू किया है। यह हमला उन एयरफील्ड्स पर है, जिनका इस्तेमाल कर मंगलवार को यह रसायनिक हमला किया गया था। समाचार रपटों के मुताबिक, अमेरिकी के इस हवाई हमले से गुरुवार रात छह सीरियाई सैनिकों और नौ नागरिकों की मौत हो गई थी और होम्स प्रांत के शेरत सैन्यअड्डे को भारी क्षति पहुंची है।

सीरिया को रसायनिक हमलों का दोषी ठहराते हुए राष्ट्रपति ने कहा, ‘अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अमेरिका किसी भी तरह के खतरनाक और जानलेवा रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल और प्रसार के खिलाफ है। इसमें कोई शक नहीं कि सीरिया ने प्रतिबंधित रसायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। सीरिया ने रसायनिक हथियार सम्मेलन में तय किए गए नियमों का भी उल्लंघन किया। साथ ही, उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अपीलों को भी नजरंदाज किया।’
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका न्याय का पक्षधर है और वह इसके लिए लड़ता रहेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा से एक टीवी संबोधन में कहा, मंगलवार को सीरिया के तानाशाह बशर अल असद ने निर्दोष नागरिकों पर रसायनिक हमले को अंजाम दिया।’ इसको अमानवीय और क्रूर हमला बताते हुए उन्होंने कहा अमेरिकी हवाई हमलों का समर्थन किया। ट्रंप ने कहा कि हम आशा करते हैं कि अमेरिका न्याय के लिए तब तक लड़ता रहेगा जब तक अंतिम रूप से शांति और भाईचारी स्थापित नहीं हो जाता। अपने इस संबोधन में राष्ट्रपति ने शरणार्थी समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘सीरिया द्वारा बार-बार नियमों की अनदेखी की गई। इसके कारण वहां शरणार्थियों की समस्या और गहराती जा रही है। पूरा क्षेत्र अस्थिर बना हुआ है। इससे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए खतरा पैदा हो गया है।’


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