नई दिल्ली। टाटा मोटर्स की नई हैचबैक कार जीका (Zica) दक्षिण अमेरिका में फैल रहे वायरस जीका (Zika) के नाम से समानता के चलते मुश्िकल में फंस गई है। इसलिए कंपनी ने यह निर्णय लिया है कि वह अपनी इस कार के नाम में बदलाव करेगी।
इस वायरस के नाम के चलते दिल्ली के ऑटो एक्सपो में जब टाटा की कार को लॉन्च किया जाना है, इस असहज स्थिति से बचने के लिए अब कंपनी ने यह निर्णय लिया है। दिल्ली ऑटो एक्सपो पांच फरवरी को शुरू हो रहा है। करीब दो महीने पहले टाटा की जीका कार का पहला टीजर रिलीज किया गया था। इसके बाद मीडिया के लिए कार का ट्रायल रन गोवा में किया गया।
कार की डिजाइन को रिव्यू में अच्छा बताया गया। जीका को ‘जिपी कार’ के रूप मे प्रमोट किया गया। एफसी बार्सिलोना के फुटबॉलर लियोनेल मैसी को इस कार का ब्रैंड एम्बेस्डर बनाया गया है। यहां तक मामला सही चल रहा था, लेकिन जनवरी में युगांडा में जीका वायरस के फैलने की खबर के दुनियाभर में सुर्खियां बनने के बाद मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
पिछले हफ्ते विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने जीका वायरस के दुनियाभर में तेजी से फैलने के बारे में चेतावनी दी। इसके बाद से टाटा मोटर्स के पुणे, नई दिल्ली और मुंबई कार्यालयों में शीर्ष मैनेजरों ने इस बारे में चर्चा की कि आगे क्या किया जाए।
टाटा के कार्पोरेट कम्युनिकेशन्स की प्रमुख मिनारी शाह ने कहा कि टाटा की हैचबैक कार के नए नाम के बारे में विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार के नाम पर कई महीने पहले फैसला हुआ था, तब जीका वायरस के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हैचबैक कार का नाम (zippy car) जिपी कार के आधार पर जीका रखा गया है। जीका वायरस से प्रभावित बच्चों के सिर छोटे होते हैं और उनका दिमाग कम विकसित होता है। यह एक जन्मजात रोग है।
हाल के घटनाक्रम के बाद हम स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। हमने अभी ऐसी कोई समय सीमा तय नहीं की है कि हम इस बारे में कब फैसला करेंगे। टाटा मोटर्स के प्रवक्ता ने बताया हम अभी भी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। इस बारे में कोई फैसला करने पर हम आपको जानकारी देंगे।
टाका जीका 1.05-लीटर, 3-सिलिंडर रेवोटॉर्क डीजल इंजन और 1.2-लीटर, 3-सिलिंडर रेवोट्रॉन पेट्रोल इंजन ऑप्शन के साथ उपलब्ध होगी। दोनों ही इंजन 5-स्पीड मैनुअल और एएमटी गियरबॉक्स से लैस होगा।
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