यूपी सरकार ने पत्रकार जगेंद्र हत्या केस में 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए


 

13_06_2015-jagendercase13लखनऊ। पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के मामले में चौतरफा दबाव के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए पांच पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमे इसंपेक्टर श्रीप्रकाश राय शामिल है। मीडिया के भारी दबाव के बाद राज्य सरकार इस प्रकरण को गंभीरता से ले रही है। इस बीच दूसरी तरफ जगेंद्र की मौत की सीबीआइ जांच की मांग की जाने लगी है।

इसे लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के समक्ष याचिका दायर की गई है। यह याचिका प्रिंस लेनिन ने दायर की है। उल्लेखनीय है कि पत्रकार जगेंद्र सिंह की शाहजहांपुर में कुछ दिनों पूर्व आठ जून को जलने से मौत हो गई थी। इस प्रकरण में प्रदेश सरकार के एक मंत्री आरोपी हैं।

इससे पहले आज लखनऊ से शहाजहांपुर पहुंचे आइजी नागरिक सुरक्षा अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने खुटार कस्बा पहुंचकर जगेंद्र के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें इंसाफ दिलाने का भरोसा दिलाया। प्रकरण में नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा ने शाहजहांपुर का रुख नहीं किया है। वे फरार बताए जा रहे हैं। हालांकि, कुछ लोग राज्यमंत्री के लखनऊ में ही डेरा डालने की बात कह रहे हैं। इधर, पूर्व सपा सांसद मिथलेश कुमार शनिवार को जगेंद्र के परिजनों से मिलने खुटार पहुंचे। पूर्व सांसद के राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा पर लगे आरोपों को नकारने पर वहां मौजूद लोग भड़क गए। आक्रोशित लोगों के नारेबाजी करने, जिसके चलते उन्हें उल्टे पांव लौटना पड़ा।

फॉरेंसिक टीम का डेमो़

इस बीच लखनऊ की फोरेंसिक टीम ने शाहजहांपुर पहुंचकर डेमो कराया। फॉरेंसिक निदेशक डॉ. श्याम बिहारी उपाध्याय एवं संयुक्त निदेशक डॉ. रजी खां ने बंद कमरे में लाइव सीन प्रायोजित कराया। डेमो पूरा होने के बाद कमरे में पड़ा काफी सामान सीलकर निदेशक ने फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया। मामले में पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा समेत दस लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज है। जांच के लिए गुरुवार रात करीब 12 बजे विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक मंडल के दोनों वैज्ञानिक स्थानीय वैज्ञानिकों, पुलिस के साथ आवास-विकास कॉलोनी स्थित जगेंद्र के आवास पहुंचे।

असलियत जानने के लिए एक सिपाही के जरिए डेमो कराया। डेमो एवं घटनास्थल से फॉरेंसिक रिपोर्ट का मिलान कर एक घंटे तक सच्चाई जानने का प्रयास किया। दोनों अधिकारी शुक्रवार सुबह फिर आवास-विकास कॉलोनी पहुंचे। जांच टीम मौके से बोरी में सामान भरकर फॉरेंसिक जांच के लिए ले गई। निदेशकों ने स्थानीय अधिकारियों से भी पूरी जानकारी ल


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