नई दिल्ली। संसद के आसन्न बजट सत्र के दौरान भाजपा ने जेएनयू घटनाक्रम पर पार्टी का रुख आक्रामक रखने का निर्णय लिया है. इसके अलावा सत्तारूढ़ दल विपक्ष के हमलों के जवाब में पाकिस्तानी अमेरिकी आतंकी डेविड हेडली की गवाही का मुद्दा को भी उठायेगी और राष्ट्रवाद के विषय को पुरजोर ढंग से रखेगी.
पार्टी नेताओं ने कहा कि संसद में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय विवाद को जोरदार ढंग से उठाने का निर्णय लिया गया है क्योंकि पार्टी का मानना है कि इस घटनाक्रम पर ‘रक्षात्मक’ होने का कोई कारण नहीं है और इस विषय पर उसे लोगों का समर्थन प्राप्त है.
पार्टी गुरुवार से तीन दिन का ‘जन स्वाभिमान अभियान’ शुरू कर रही है और इसके जरिये पार्टी के नेता और कार्यकर्ता केंद्रीय विश्वविद्यालय में कथित देशद्रोही गतिविधियों और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्यवाही के बारे में जन राय बनाने का प्रयास करेंगे.
इस पहल के तहत पार्टी राष्ट्रवाद के विषय पर जोर देगी. पार्टी नेताओं ने कहा कि सियाचिन में हाल में सैनिकों के बलिदान के विषय को भी पूरे देश में उठाया जायेगा.
सूत्रों ने बताया, ‘इसका मकसद इन विषयों पर पार्टी के रुख को संसद से सड़क तक आक्रामक ढंग से रेखांकित करना है. जेएनयू में जो कुछ हो रहा है, उस पर हमारा सतत और मजबूत रुख रहा है और पार्टी को इन घटनाक्रमों के बारे में रक्षात्मक होने की जरूरत नहीं है.’
इशरत जहां मामले में हेडली की गवाही से भाजपा को कांग्रेस को घेरने का मौका मिल गया है जिसमें उसने कहा था कि वह लश्कर ए तैयबा आतंकी थी.
कांग्रेस दलित शोधार्थी रोहित की आत्महत्या समेत विभिन्न मुद्दों, असहिष्णुता और अर्थव्यवस्था की स्थिति जैसे विषयों को लेकर सरकार पर निशाना साध सकती है.
संसद का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो रहा है.
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