लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि प्रदेश की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक गति लाकर लाभार्थियों को लाभान्वित कराने एवं परियोजनाओं को निर्धारित मानक एवं गुणवत्ताओं के साथ निर्धारित अवधि में पूर्ण कराने हेतु अभियान चलाया जाये। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन इस प्रकार करें कि आम जनता में यह विश्वास जागृत हो कि प्रदेश सरकार उनके विकास हेतु चिन्तित एवं प्रयासरत है। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाने हेतु सभी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक नियमित रूप से प्रतिमाह कानून व्यवस्था की समीक्षा करना सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि संवेदनशील घटनाओं पर विशेष नजर रखी जाये और घटना स्थल पर वरिष्ठ अधिकारी स्वयं जाकर पारदर्शिता के साथ निस्तारण करायें। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारियों द्वारा प्रत्येक माह कम से कम एक थाने का निरीक्षण अवश्य कर घटित घटनाओं की जानकारी एवं विवेचना की समीक्षा करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आगामी पंचायत चुनाव को दृष्टिगत रखते हुये ग्राम स्तर पर समीक्षा कर अपराधी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही समय से सुनिश्चित करायी जाये, ताकि कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाने में दो वाहनों की व्यवस्था करायी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित होने पर सम्बन्धित थाने की पुलिस घटना स्थल पर तत्काल पहुंच सके।
मुख्य सचिव आज तिलक हाल में अध्यक्ष राजस्व परिषद, प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक एवं कृषि उत्पादन आयुक्त के साथ मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों की बैठक कर विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्व वादों के निस्तारण में और अधिक तेजी लाकर विगत कई वर्षों से लम्बित वादों का निस्तारण प्राथमिकता से कराया जाये। उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में गुणवत्तापरक शिक्षण सुनिश्चित कराने हेतु सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारियों को निरन्तर माॅनिटरिंग कर यह सुनिश्चित करना होगा कि विद्यालयांे में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में कम से कम दो बेसिक विद्यालयों में इंग्लिश मीडियम से शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु 29,334 गणित/विज्ञान के शिक्षकों की भर्ती सुनिश्चित करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में फर्नीचर की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु प्रथम चरण के लिये 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि जनपदीय शासकीय अस्पतालों में गन्दगी को दूर करने हेतु आगामी 15 दिन में अभियान चलाने के निर्देश देते हुये 07 करोड़ रुपये की धनराशि की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित कराना होगा कि कोई भी शासकीय अस्पतालों में गन्दगी न रहने पाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि स्वास्थ्य विभाग में योजनाओं के अन्तर्गत संविदा पर की जाने वाले नियुक्तियां आगामी 31 जुलाई तक प्रत्येक दशा में पारदर्शिता के साथ पूर्ण कराकर आम नागरिकों को और अधिक बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाये।
श्री रंजन ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा वर्तमान वर्ष को किसान वर्ष मनाने के रूप में निर्देश दिये गये हैं। किसान वर्ष में किसानों को बेहतर सुविधायें उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसानों की प्रगति से ही प्रदेश एवं देश का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि तहसीलों को कम्प्यूटरीकृत कराकर बेहतर सेवा आम नागरिकों को उपलब्ध करायी जाये। उन्होंने कहा कि आम आदमी बीमा योजना के अन्तर्गत पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित कराने हेतु अभियान चलाया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक आपदा से पीडि़त किसानों को सहायता उपलब्ध कराने हेतु 3500 करोड़ रुपये की धनराशि वितरण हेतु जनपदों में उपलब्ध करायी गयी है। उन्होंने कहा कि कुछ जनपदों में वितरण कार्य में लेखपालों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। ऐसी शिकायतों की जांच कराकर दोषी कर्मियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने कहा कि शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने हेतु प्रत्येक जनपद में शिकायत प्रकोष्ठ का गठन सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री जल बचाओ योजना के अन्तर्गत चिन्हित 33 हजार तालाबों/पोखरों की खुदायी का कार्य पारदर्शिता के साथ कराकर श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने में तेजी लायी जाये।
मुख्य सचिव ने यह स्पष्ट निर्देश दिये कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गति न देने वाले और लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को चिन्हित कर दण्डित किया जाये। उन्होंने कहा कि लापरवाह एवं अक्षम संविदा कर्मियों को शासकीय दायित्वों का निर्वहन न करने पर उनका अनुबन्ध निरस्त कर दिया जाये। उन्होंने कहा कि लोहिया आवास के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखकर पात्र लाभार्थी को पारदर्शिता के साथ आवास उपलब्ध कराने में तेजी लायी जाये। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष 2019 तक प्रदेश के हर नागरिक को शौचालय उपलब्ध कराने के कार्यक्रम में तेजी लाकर लक्ष्य के अनुसार शौचालयों का निर्माण प्राथमिकता से कराया जाये, ताकि खुले में शौच जाने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह से रोक लग सके और उससे होने वाली बीमारियों से बचाव हो सके। उन्होंने कहा कि न्यूट्रिशियन मिशन के अन्तर्गत संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन में और अधिक गति देकर लाभार्थियों को लाभान्वित कराया जाये। उन्होंने कहा कि जनपद स्तरीय अधिकारी फील्ड का दौरा कर अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विकास कार्यों में गति लाने में जिम्मेदारी नियत करें। उन्होंने कहा न्यूट्रिशियन मिशन को और अधिक गति देने में मुख्य विकास अधिकारियों को जनपदीय प्रभारी अधिकारी नामित किया गया है।
श्री रंजन ने कहा कि साइकिल सहायता योजना के अन्तर्गत निर्माण कामगारों को जाने हेतु साईकिल की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि पंजीकृत कर्मकार को स्वयं अथवा पारिवारिक सदस्य को गंभीर बीमारी की स्थिति में सरकारी चिकित्सालय में कराये गये इलाज के उपरान्त किये गये व्यय की प्रतिपूर्ति प्राथमिकता से कराया जाना सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के मेधावी बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने हेतु मेधावी छात्र योजना के अन्तर्गत लाभान्वित कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी गयी है। उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन सहायता योजना के अन्तर्गत पंजीकृत लाभार्थी श्रमिकों को 10 रुपये मूल्य अदा करने पर गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने कहा कि भुगतान की गयी 10 रुपये के अतिरिक्त अवशेष लागत की प्रतिपूर्ति बोर्ड द्वारा सब्सिडी के रूप में संस्था को की जायेगी। उन्होंने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 6-14 वर्ष आयु के बच्चों को आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्राथमिक विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना के अन्तर्गत आगामी 15 जुलाई से विद्यार्थियों को अक्षय पात्र संस्था के माध्यम से प्रति छात्र 200 मि0ली0 दूध भी उपलब्ध कराया जायेगा।
अध्यक्ष राजस्व परिषद श्री अनिल कुमार गुप्ता ने अपने सम्बोधन में कहा कि राजस्व विभाग में अभियान चलाकर 13,660 लेखपाल के पदों पर भर्ती की कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। राजस्व निरीक्षकों के 617 पदों पर लोक सेवा आयोग द्वारा चयन कराया जा रहा है तथा 1600 पदों को पदोन्नति द्वारा भरने की कार्यवाही गतिमान है। उन्होंने बताया कि नायब तहसीलदारों के 99 पदों हेतु लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों का प्रशिक्षणोपरान्त जनपदों में तैनात किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त नायब तहसीलदारों के 231 पदों को पदोन्नति द्वारा भरने तथा कनिष्ठ सहायकों के कुल 698 पदों को सीधी भर्ती द्वारा भरने हेतु अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा परीक्षा सम्पन्न करा ली गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की समस्त 330 तहसीलों में प्रतिवर्ष लगभग 04 करोड़ आने वाले लोगों के लिये तहसील परिसर में आम जनता को पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालय आदि की मूलभूत सुविधायें उपलब्ध कराने हेतु जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली तहसीलों को चिन्हित करते हुये प्रदेश स्तर पर प्रशस्ति एवं पुरस्कृत किये जाने की भी व्यवस्था की गयी है। उन्होंने बताया कि तहसील दिवस में प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने हेतु समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को नियमित रूप से निस्तारण की ग्रेडिंग अवश्य सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गये हैं।
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव गृह श्री देवाशीष पण्डा, पुलिस महानिदेशक श्री ए0के0जैन ने भी उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देकर प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु अपने कार्यों पर और अधिक गति लाने पर बल दिया।
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