मंत्रियों के लिए आचरण संहिता ,5 हजार से ज्यादा का उपहार न ले मंत्री: योगी


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लखनऊ,18 अप्रैल। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कैबिनेट के मंत्रियों के लिए आचरण संहिता बनाई है। सूत्रों के मुताबिक आचरण संहिता में योगी ने अपने मंत्रियों से मंत्री बनने से पहले अगर किसी कंपनी में हिस्सेदारी या आमदनी रही है तो उसका विवरण देने को कहा है। योगी की इस आचरण संहिता के मुताबिक मंत्रियों से मंत्री बनने से पहले आय और अगर किसी कंपनी में हिस्सेदारी रही है तो उसका ब्यौरा देने को कहा है। मंत्री बनने से पहले अगर कोई व्यवसाय या आमदनी रही तो उसका विवरण देने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को 5 हजार से ज्यादा का उपहार न लेने की ताकीद भी की है। मंत्रियों को बेवजह की दावतों से दूर रहने की सलाह दी है। सीएम ने पत्र के माध्यम से सभी मंत्रियों को शासकीय दौरे में निजी आवास या फिर सर्किट हाउस में ठहरने के साथ किसी भी आडम्बर से बचने की सलाह भी दी है, मंत्रियों से हर साल 31 मार्च तक परिसंपत्तियों का ब्योरा देने को भी कहा गया है। इसके अलावा मंत्रियों को सोने.चांदी से जुड़ी जानकारी भी देने को कहा गया है, योगी ने मंत्रियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि मंत्री के किसी रिश्तेदार ने किसी विभाग में ठेका तो नहीं लिया। उन्होंने मंत्रियों को थैली भेंट से बचने और दावत एवं दिखावे से बचने की भी सलाह दी है।

मंत्री ऐसा कारोबार न करें जो सरकार से जुड़ा हो। योगी ने सरकारी दौरे पर मंत्रियों को सर्किट हाउस में ही रुकने को कहा है। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 अप्रैल को सभी मंत्रियों को पत्र लिखा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सभी मंत्रियों को चिऋी लिखी है। इसमें सभी मंत्रियों से उनकी संपत्ति का ब्यौरा मांगा गया है। योगी मंत्रिमंडल के मंत्रियों से तीन दिन के अंदर चल.अचल संपत्ति का ब्यौरा जमा कराने को कहा गया है। गौर हो कि सीएम योगी ने शपथ ग्रहण के चंद दिनों बाद ही सभी अधिकारियों से उनकी चल और अचल संपत्ति का ब्यौरा और जमा किये गए इनकम टैक्स को पंद्रह दिन के अंदर जमा करने का आदेश दिया था।


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