दिल्ली | उत्तर प्रदेश में राजनैतिक दलों के सियासी संग्राम के बीच भारतीय निर्वाचन आयोग प्रदेश के विधानसभा चुनाव को फरवरी-मार्च में कराने की तैयारियों में जुटा हुआ है।
छह चरणों में होगा मतदान:
- उत्तर प्रदेश के आगामी आगामी विधानसभा चुनाव 2017 के फरवरी-मार्च माह में हो सकते हैं।
- सूत्रों के हवालों से जानकारी मिली है कि, भारतीय निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को फरवरी-मार्च में कराने की तैयारियों में जुटा हुआ है।
- सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव छह चरणों में संपन्न होंगे।
- सूत्रों के मुताबिक, सूबे के विधानसभा चुनाव साल 2017 में 10 फरवरी से 15 मार्च तक तक कुल छह चरणों में होंगे।
आचार संहिता:
- सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से 15 मार्च तक छह चरणों में होंगे।
- इसी के साथ सूबे में आचार संहिता लागू हो जाएगी।
- आचार संहिता के तहत कोई दल या उसका प्रत्याशी कोई ऐसा काम नहीं कर सकते जो विभिन्न जातियों, धार्मिक और भाषाई समुदायों के बीच मतभेदों को बढ़ाये, घृणा और तनाव पैदा करे।
- आचार संहिता के नियम अनुसार राजनीतिक दलों की आलोचना उनकी नीतियों, कार्यक्रमों, उनकी पुरानी छवि और काम तक ही सीमित होनी चाहिए। व्यक्तिगत जीवन के किसी पहलू की आलोचना नहीं की जानी चाहिए।
- किसी भी सभा से पहले उसके स्थान और समय के बारे में स्थानीय पुलिस अधिकारियों को पूर्व सूचना देनी आवश्यक है, जिससे यातायात को नियंत्रित करने और शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए जरूरी इंतजाम किया जा सके।
- आचार संहिता के मुताबिक, जुलूस में ऐसी चीजों का प्रयोग नहीं होना चाहिए, जिनका दुरुपयोग उत्तेजना के क्षणों में हो सके।
- आचार संहिता के अनुसार राज्य का मुख्यमंत्री कोई शासकीय दौरा नहीं कर सकते।
- किसी भी प्रकार की योजनाओं और परियोजनाओं की घोषणा नहीं कर सकते।
- किसी भी प्रकार के निर्माण, मुआवजे आदि की घोषणा नहीं कर सकते।
- सरकारी विमान और गाड़ियों का उपयोग पार्टी के प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता है।
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